
अंबिकापुर में संजीवनी हॉस्पिटल को लेकर PMO में शिकायत, जमीन आवंटन निरस्त होने के बाद भी संचालन पर उठे सवाल ?
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में संचालित संजीवनी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को लेकर एक शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंची है। अधिवक्ता अभिषेक मालवीय द्वारा भेजी गई इस शिकायत में अस्पताल के भूमि उपयोग, आवंटन प्रक्रिया और संचालन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। यह समाचार उपलब्ध शिकायत पत्र एवं संलग्न दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है।
जमीन आवंटन का मामला
शिकायत के अनुसार, ग्राम नमना कला, तहसील अंबिकापुर स्थित नजूल भूमि के एक हिस्से के आवंटन के लिए पूर्व में प्रक्रिया अपनाई गई थी। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि 2 सितंबर 2024 को कलेक्टर सरगुजा द्वारा संबंधित आवंटन को निरस्त किया गया।
निरस्तीकरण के बाद भी संचालन का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि आवंटन निरस्त किए जाने के बावजूद संबंधित भूमि पर कब्जा हटाया नहीं गया और अस्पताल का संचालन जारी है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन या अस्पताल प्रबंधन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अस्पताल संचालन से जुड़े नाम
शिकायत पत्र में अस्पताल के संचालन से जुड़े कुछ चिकित्सकों के नाम का उल्लेख किया गया है, जिनमें डॉ. अजय तिर्की, डॉ. अजय गुप्ता और डॉ. विकास अग्रवाल शामिल हैं। इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अन्य बिंदुओं पर भी जांच की मांग
शिकायत में नजूल भूमि एवं आदिवासी भूमि से जुड़े वैधानिक पहलुओं, साथ ही भूमि से संबंधित वित्तीय लेनदेन और अन्य प्रक्रियाओं की जांच की मांग भी की गई है।
PMO से की गई प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच, भूमि रिकॉर्ड और अनुमति की समीक्षा तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि शेष है। संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।


